Ancient History one Liner ✅ प्राचीन भारत का इतिहास Read1 Now

Ancient History one Liner (प्राचीन भारत का इतिहास): भारत का इतिहास और संस्‍कृति गतिशील है और यह मानव सभ्‍यता की शुरूआत तक जाती है। यह सिंधु घाटी की रहस्‍यमयी संस्‍कृति से शुरू होती है और भारत के दक्षिणी इलाकों में किसान समुदाय तक जाती है। भारत के इतिहास में भारत के आस पास स्थित अनेक संस्‍कृतियों से लोगों का निरंतर समेकन होता रहा है। उपलब्‍ध साक्ष्‍य सुझाते हैं कि लोहे, तांबे और अन्‍य धातुओं के उपयोग काफी शुरूआती समय में भी भारतीय उप महाद्वीप में प्रचलित थे, जो दुनिया के इस हिस्‍से द्वारा की गई प्रगति का संकेत है। चौंथी सहस्राब्दि बी. सी. के अंत तक भारत एक अत्‍यंत विकसित सभ्‍यता के क्षेत्र के रूप में उभर चुका था।

देश में हर रोज रेलवे, बैंक, पुलिस, आर्मी आदि विभिन्न क्षेत्रों में सरकारी नौकरियां निकलती रहती हैं। जिसके लिए लाखों लोग आवेदन करते हैं और परीक्षा के लिए तैयारी करते हैं और परीक्षा भी देते हैं। लेकिन कुछ लोग ही ऐसे होतें हैं जो परीक्षा को पास कर लेते हैं और जिनका सरकारी नौकरी के लिए सिलेक्शन हो पाता है। बहुत से लोगों को सरकारी नहींं मिल पाती जिसकी वजह से वो निराश हो जाते हैं। जिन लोगों को सरकारी नौकरी नहीं मिल पाती उसके कई कारण हो सकते हैं। जिनमें से एक कारण यह भी होता है कि उन्होंने या तो मेहनत नहीं कि या फिर उनके ज्ञान में कहीं न कहीं कमी रह गई।

सरकारी नौकरी पाने के लिए और परीक्षा में पास होने के लिए सबसे जरूरी होता है अपने सामान्य ज्ञान के स्तर को बढ़ाना। सरकारी नौकरी के लिए परीक्षा में पूछे गए सभी विषयों में से Ancient History one Liner (प्राचीन भारत का इतिहास) एक ऐसा विषय है जो परीक्षा में उम्मीदवार को गिरा भी सकता है और उठा भी सकता है। अगर आप दूसरों से आगे निकलना चाहते हैं तो जरुरी है कि आप Ancient History one Liner (प्राचीन भारत का इतिहास) के विषय पर अच्छी पकड़ रखें ।

Ancient History one Liner प्राचीन भारत का इतिहास

Ancient History one Liner Q & A

  • हेरोडोट्स को इतिहास का पिता कहा जाता है।
  • आग का आविष्कार पुरापाषाण काल में हुआ था ।
  • कृषि एवं पहिये का आविष्कार नवपाषाण काल में हुआ था ।
  • सिंधु घाटी सभ्यता एक कांस्य युगीन सभ्यता थी ।
  • सिंधु घाटी सभ्यता की सबसे मुख्य विशेषता थी नगर नियोजन थी ।
  • सिंधु घाटी सभ्यता के लोगों का मुख्य व्यवसाय कृषि कार्य था ।
  • सिंधु घाटी सभ्यता में प्रमुख फसल के रूप में गेहूं और जौ होती थी ।
  • सिंधु घाटी सभ्यता की लिपि भाव चित्रात्मक थी ।
  • आदिमानव सबसे पहले आग जलाना सीखे थे ।
  • सबसे पहला पालतू जानवर कुत्ता था ।
  • हड़प्पा सभ्यता रावी नदी के किनारे स्थित थी ।
  • हड़प्पा की खुदाई 1921 में दयाराम साहनी द्वारा की गई ।
  • हड़प्पा सभ्यता को, सिंधु सभ्यता का नाम जान मार्शल ने दिया था ।
  • सिंधु सभ्यता के क्षेत्रफल का आकार त्रिभुजाकार था ।
  • लोथल सिंधु सभ्यता का प्रमुख बंदरगाह था ।
  • मोहनजोदड़ो, सिंधु नदी के तट पर स्थित है ।
  • मोहनजोदड़ो की खोज रखाल दास बनर्जी ने 1922 में की थी।
  • मोहनजोदड़ो का अर्थ मृतकों का टीला होता है ।
  • मोहनजोदड़ो से प्राप्त प्रमुख स्मारक वृहत स्नानागार और प्राप्त बड़ी इमारत अन्नागार था।
  • कालीबन्गा का शाब्दिक अर्थ है काले रंग की चूड़ियां होता है ।
  • सिंधु घाटी के लोगों ने मात्र देवी की पूजा की थी ।
  • सिंधु घाटी के लोगों का सबसे पवित्र वृक्ष पीपल था ।
  • हड़प्पा के लोगों का सबसे प्रिय पशु को कुबर वाला सांड था ।
  • हड़प्पा के निवासियों का प्रमुख खेल पाशा था ।
  • वेदों की कुल संख्या 4 है । (ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद, अथर्ववेद)
  • सबसे प्राचीन वेद ऋग्वेद है ।
  • ऋग्वेद में 10 मंडल हैं , 1028 सूक्तियां एवं 10580 मंत्र हैं ।
  • गायत्री मंत्र ऋग्वेद के तीसरे मंडल से लिया गया है ।
  • ऋग्वेद में सबसे पवित्र नदी सरस्वती को माना जाता है ।
  • ऋग्वेद में वर्णित सबसे महत्वपूर्ण देवता इंद्र है।
  • सबसे पुरानी भारतीय दवा आयुर्वेद का उद्गम अथर्ववेद से हुआ है ।
  • भारतीय संगीत का जनक सामवेद है ।
  • सामवेद का प्रथम लेखक जैमिनी को माना जाता है ।
  • सबसे प्राचीन एवं प्रमाणित पुराण मत्स्य पुराण है ।
  • मत्स्य पुराण में सातवाहन वंश की जानकारी मिलती है ।
  • सामवेद तथा आयुर्वेद में मंत्रों की संख्या क्रमशः 1549 तथा 1990 हैं ।
  • उपनिषदों की कुल संख्या 108 है ।
  • भारत का प्रसिद्ध वाक्य सत्यमेव जयते ,मुंडक उपनिषद से लिया गया है ।
  • 1000 से 600 ईसा पूर्व तक के समय को उत्तर वैदिक काल माना गया है ।
  • उत्तर वैदिक काल के प्रमुख देवता प्रजापति थे ।
  • महाभारत के रचयिता वेदव्यास हैं ।
  • महाभारत को जयसंहिता के नाम से भी जाना जाता है ।
  • सबसे प्राचीन बौद्ध ग्रंथ त्रिपिटक है ।
  • बुध्द के जन्म से पूर्व की कहानी जातक में वर्णित हैं ।
  • जैन साहित्य को आगम कहा जाता है ।
  • अगुन्तर निकाय में 16 महाजनपदों का वर्णन मिलता है ।
  • जैन धर्म के संस्थापक प्रवर्तक एवं प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव थे ।
  • जैन धर्म के अंतिम या 24 वे तीर्थंकर महावीर स्वामी थे ।
  • महावीर का जन्म 540 ईसा पूर्व वैशाली के कुंडग्राम में हुआ था ।
  • जैन धर्म का वास्तविक संस्थापक महावीर को माना जाता है ।
  • महावीर के पिता का नाम सिद्धार्थ , माता का नाम त्रिसलाश्रवणबेलगोला तथा पत्नी का नाम यशोदा था ।
  • महावीर के बचपन का नाम वर्धमान था ।
  • महावीर को ज्ञान की प्राप्ति रिजुपालिका नदी के किनारे साल वृक्ष के नीचे हुई थी ।
  • जैन धर्म का प्रारंभिक इतिहास कल्पसूत्र से ज्ञात होता है ।
  • ऋषभदेव का प्रतीक चिन्ह साढ़ है ।
  • महावीर की पुत्री तथा दामाद का नाम प्रदर्शनी तथा जमाली था ।
  • महावीर का प्रथम अनुयाई जमाली था ।
  • महावीर की प्रथम शिष्या पद्मावती थी ।
  • जैन धर्म के प्रचार के लिए प्राकृत भाषा को अपनाया गया था ।
  • कल्पसूत्र को संस्कृत में लिखा गया है ।
  • महावीर के 11 शिष्य थे जो गणधर कहलाते थे ।
  • जैन धर्म के 2 संप्रदाय श्वेतांबर और दिगंबर हैं ।
  • जैन धर्म के त्रिरत्न सम्यक दर्शन , सम्यक ज्ञान तथा सम्यक आचरण हैं ।
  • जैन धर्म का प्रतीक सिंह था ।
  • महावीर की मृत्यु 72 वर्ष की अवस्था में 468 ईसवी पूर्व पावापुरी में हुई थी ।
  • प्रथम जैन सभा पाटलिपुत्र में हुई थी दूसरी जनसभा वल्लभी में हुई थी ।
  • खजुराहो में जैन मंदिरों का निर्माण चंदेल शासकों ने कराया था ।
  • बौद्ध धर्म के संस्थापक गौतम बुद्ध थे ।
  • गौतम बुध का जन्म 563 ईसा पूर्व लुंबिनी नामक ग्राम में हुआ था ।
  • बौद्ध गौतम के पिता का नाम शुद्धोधन , माता का नाम महामाया पत्नी का नाम यशोधरा तथा पुत्र का नाम राहुल था ।
  • बुध्द का लालन-पालन उनकी मौसी प्रजापति गौतमी ने किया था ।
  • बुद्ध के बचपन का नाम सिद्धार्थ था ।
  • बुध के ग्रह की घटना को महाभिनिष्क्रमण कहलाता है ।
  • गौतम बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति निरंजना नदी के तट पर पीपल वृक्ष के नीचे हुई थी ।
  • ज्ञान प्राप्त की घटना को निर्वाण कहते हैं ।
  • बुद्ध ने प्रथम उपदेश सारनाथ में दिया था ।
  • बुध द्वारा दिया गया प्रथम उपदेश धर्मचक्रपरिवर्तन कहलाता है ।
  • बुद्ध के जन्म का प्रतीक कमल , ज्ञान का प्रतीक पीपल है ।
  • गौतम बुध के प्रथम गुरु आलारकलाम थे ।
  • बौद्ध धर्म के त्रिरत्न बुद्ध , धर्म और संघ हैं।
  • गौतम बुद्ध की मृत्यु कुशीनगर में हुई थी ।
  • बुद्ध के मृत्यु की घटना को महापरिनिर्वाण कहते हैं ।
  • पाटलिपुत्र नगर की स्थापना उदयिन ने की थी।
  • अष्टांगिक मार्ग की का संबंध बौद्ध धर्म से है ।
  • प्रथम बौद्ध संगीति 483 ईसा पूर्व में राजगृह में , अजातशत्रु के काल में हुई थी ।
  • द्वितीय बौद्ध संगीति 383 ईसा पूर्व में वैशाली में , कालाशोक के काल में हुई थी ।
  • तृतीय बौद्ध संगीत , पाटिल पुत्र में , 251 ईसवी पूर्व , अशोक के समय में हुई थी ।
  • चतुर्थ बौद्ध संगीत प्रथम शताब्दी में कश्मीर में , कनिष्क के समय में हुई थी ।
  • बिंबिसार हर्यक वंश का प्रथम शक्तिशाली राजा था ।
  • शिशुनाग वंश का संस्थापक का शिशुनाग था ।
  • नंद वंश का संस्थापक महापद्मनंद था ।
  • नंद वंश का अंतिम शासक धनानंद था ।
  • भारत में प्रथम विदेशी आक्रमण इरानियों ने किया था तथा दूसरा सिकंदर ने किया था।
  • मगध की प्रारंभिक राजधानी गिरीवरज्र (राजगृह) थी।
  • सिकंदर और पोरस के बीच हुए युद्ध को हायडेस्पी, का युद्ध कहा जाता है जो विस्तता या झेलम नदी के किनारे हुआ था ।
  • सिकंदर की मृत्यु बेबीलोन में हुई थी ।
  • राज तरंगिणीकल्हण द्वारा लिखित पुस्तक है जो कश्मीर के इतिहास से संबंधित हैं ।
  • अष्टाध्याई के लेखक पणिनी हैं ।
  • इस्लाम धर्म के संस्थापक हजरत मोहम्मद थे ।
  • हजरत मोहम्मद का जन्म मक्का में 570 ईस्वी को हुआ था ।
  • सिकंदर का सेनापति सेल्यूकस निकेट , गुरु अरस्तु था ।
  • मुद्राराक्षस विशाखदत्त द्वारा रचित पुस्तक है ।
  • आर्यन लोग मध्य एशिया से भारत में आए थे ।
  • आर्य सर्वप्रथम पाकिस्तान एवं अफगानिस्तान में बसे थे ।
  • आर्यों की मूल भाषा संस्कृति थी।
  • मूर्ति पूजा का प्रारंभ उत्तर वैदिक काल में प्रारंभ हुआ था ।
  • इस्लाम जगत में खलीफा पद को समाप्त करने वाला शासक मुस्तफा कमालपाशा था ।
  • मौर्य वंश के संस्थापक चंद्रगुप्त मौर्य का जन्म 345 ईसा पूर्व में हुआ था ।
  • चंद्रगुप्त मौर्य, धनानंद को पराजित करके मौर्य वंश की नींव डाली थी ।
  • अर्थशास्त्र के लेखक चाणक्य हैं ।
  • अर्थशास्त्र की तुलना अरस्तु के पॉलिटिक्स एवं मैकियावेली की प्रिंस से की जाती है ।
  • चंद्रगुप्त मौर्य के गुरु तथा महामंत्री चाणक्य थे ।
  • चंद्रगुप्त के दरबार में आने वाला यूनानी मेगास्थनीज है।
  • चंद्रगुप्त की मृत्यु श्रवणबेलगोला में हुई थी ।
  • इंडिका पुस्तक के लेखक मेगास्थनीज थे ।
  • भारत में शिलालेख का प्रचलन अशोक ने शुरू किया था ।
  • सांची का स्तूप अशोक ने बनवाया था जो मध्य प्रदेश में स्थित है ।
  • श्रीनगर की स्थापना अशोक ने की थी। (व्यस्तता नदी के तट पर)
  • अशोक को प्रियदर्शी के नाम से भी जाना जाता है।
  • अशोक ने बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए अपने पुत्र महेंद्र एवं पुत्री संघमित्रा को श्रीलंका भेजा था ।
  • अशोक के अभिलेख को सर्वप्रथम जेंट्स प्रिंसेप ने पढ़ा था ।
  • अशोक के कुल शिलालेखों की संख्या 14 है ।
  • कलिंग युद्ध के बाद अशोक ने धम्म स्वीकार किया था ।
  • मौर्य वंश का अंतिम शासक व्रहदथ थे ।
  • शुंग वंश का संस्थापक पुष्यमित्र सिंह था ।
  • शक वंश का प्रारंभ तनिष्क ने किया था।
  • नागार्जुन को भारत का आइंस्टीन कहा जाता है ।
  • गुप्त वंश का संस्थापक श्री गुप्त था ।
  • भारतीय इतिहास में गुप्त काल को स्वर्ण युग के नाम से जाना जाता है ।
  • समुद्रगुप्त को भारत का नेपोलियन कहा जाता है ।
  • चीनी यात्री फाह्यान चंद्रगुप्त द्वितीय के समय में भारत आया था ।
  • नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना कुमारगुप्त ने की थी ।
  • चीनी यात्री ह्वेनसांग , हर्षवर्धन के शासनकाल में भारत आया था ।
  • हर्षवर्धन का दरबारी कवि बाणभट्ट था ।
  • पल्लव वंश का संस्थापक सिंह विष्णु था ।
  • राष्ट्रकूट वंश का संस्थापक दंती दुर्ग था ।
  • विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना धर्मपाल ने की थी ।
  • पाल वंश का संस्थापक गोपाल था ।
  • गीत गोविंद के रचयिता जयदेव थे ।
  • महमूद गजनवी ने 1025 ईस्वी में में सोमनाथ मंदिर पर आक्रमण किया था ।
  • गढ़वाल वंश का संस्थापक चंद्रदेव था ।
  • चौहान वंश का संस्थापक वासुदेव था ।
  • चौहान वंश का अंतिम शासक पृथ्वीराज तृतीय था ।
  • तराइन का प्रथम युद्ध पृथ्वीराज चौहान एवं मोहम्मद गौरी के बीच 1191 ईस्वी में हुआ था हुआ था जिसमें पृथ्वीराज चौहान की जीत हुई थी ।
  • पृथ्वीराज चौहान एवं मोहम्मद गौरी के बीच तराइन का द्वितीय युद्ध 1192 ई में हुआ था जिसमें मोहम्मद गौरी विजयी हुआ था ।
  • पृथ्वीराज रासो के रचयिता चंदबरदाई हैं जो पृथ्वीराज चौहान के राज्य कवि थे ।
  • खजुराहो के मंदिर का निर्माण चंदेल राजाओं ने करवाया था ।
  • मौर्य साम्राज्य में प्रचलित मुद्रा का नाम पण थी ।
  • बिंबिसार के समय में मगध की राजधानी राजगृह थी ।
  • योग दर्शन तथा संत दर्शन के प्रवर्तक क्रमशः पतंजलि तथा कपिल मुनि थे ।
  • न्याय दर्शन तथा पूर्व मीमांसा दर्शन के प्रवक्ता कमसा गौतम तथा जैमिनी थे।
  • नागार्जुन शून्यवाद के प्रतिपादक थे ।
  • मदुरई स्थित मीनाक्षी मंदिर का निर्माण मथुरा नरेश तिरुमलाई नायक ने करवाया था ।
  • कोणार्क के सूर्य मंदिर का निर्माण नरसिंह देव प्रथम ने कराया था ।
  • तंजौर में वृहदेश्वर मंदिर का निर्माण राज राज – 1 ने करवाया था ।
  • माउंट आबू पर्वत पर स्थित दिलवाड़ा का प्रसिद्ध जैन मंदिर का निर्माण भीम प्रथम के सामंत बिमल ने कराया था।
  • आचार्य विट्ठलनाथ ने अष्टछाप की स्थापना की थी ।
  • वल्लभाचार्य ने पुष्टिमार्ग के दर्शन की स्थापना की थी ।
  • रामानुजन विशिष्ट द्वैत सिद्धांत के प्रवर्तक थे ।

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सिंधु घाटी की सभ्‍यता : Ancient History one Liner (प्राचीन भारत का इतिहास)

भारत का इतिहास सिंधु घाटी की सभ्‍यता के जन्‍म के साथ आरंभ हुआ, और अधिक बारीकी से कहा जाए तो हड़प्‍पा सभ्‍यता के समय इसकी शुरूआत मानी जाती है। यह दक्षिण एशिया के पश्चिमी हिस्‍से में लगभग 2500 बीसी में फली फूली, जिसे आज पाकिस्‍तान और पश्चिमी भारत कहा जाता है। सिंधु घाटी मिश्र, मेसोपोटामिया, भारत और चीन की चार प्राचीन शहरी सबसे बड़ी सभ्‍यताओं का घर थी।

इस सभ्‍यता के बारे में 1920 तक कुछ भी ज्ञात नहीं था, जब भारतीय पुरातात्विक विभाग ने सिंधु घाटी की खुदाई का कार्य आरंभ किया, जिसमें दो पुराने शहरों अर्थात मोहन जोदाड़ो और हड़प्‍पा के भग्‍नावशेष निकल कर आए। भवनों के टूटे हुए हिस्‍से और अन्‍य वस्‍तुएं जैसे कि घरेलू सामान, युद्ध के हथियार, सोने और चांदी के आभूषण, मुहर, खिलौने, बर्तन आदि दर्शाते हैं कि इस क्षेत्र में लगभग पांच हजार साल पहले एक अत्‍यंत उच्‍च विकसित सभ्‍यता फली फूली। Ancient History one Liner

सिंधु घाटी की सभ्‍यता मूलत: एक शहरी सभ्‍यता थी और यहां रहने वाले लोग एक सुयोजनाबद्ध और सुनिर्मित कस्‍बों में रहा करते थे, जो व्‍यापार के केन्‍द्र भी थे। मोहन जोदाड़ो और हड़प्‍पा के भग्‍नाव‍शेष दर्शाते हैं कि ये भव्‍य व्‍यापारिक शहर वैज्ञानिक दृष्टि से बनाए गए थे और इनकी देखभाल अच्‍छी तरह की जाती थी। यहां चौड़ी सड़कें और एक सुविकसित निकास प्रणाली थी। घर पकाई गई ईंटों से बने होते थे और इनमें दो या दो से अधिक मंजिलें होती थी।

उच्‍च विकसित सभ्‍यता हड़प्‍पा में अनाज, गेहूं और जौ उगाने की कला ज्ञात थी, जिससे वे अपना मोटा भोजन तैयार करते थे। उन्‍होंने सब्जियों और फल तथा मांस, सुअर और अण्‍डे का सेवन भी किया। साक्ष्‍य सुझाव देते हैं कि ये ऊनी तथा सूती कपड़े पहनते थे। वर्ष 1500 से बी सी तक हड़प्‍पन सभ्‍यता का अंत हो गया। सिंधु घाटी की सभ्‍यता के नष्‍ट हो जाने के प्रति प्रचलित अनेक कारणों में शामिल है, लगातार बाढ़ और अन्‍य प्राकृतिक विपदाओं का आना जैसे कि भूकंप आदि।

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वैदिक सभ्‍यता: Ancient History one Liner (प्राचीन भारत का इतिहास)

प्राचीन भारत के इतिहास में वैदिक सभ्‍यता सबसे प्रारंभिक सभ्‍यता है। इसका नामकरण हिन्‍दुओं के प्रारम्भिक साहित्‍य वेदों के नाम पर किया गया है। वैदिक सभ्‍यता सरस्‍वती नदी के किनारे के क्षेत्र जिसमें आधुनिक भारत के पंजाब और हरियाणा राज्‍य आते हैं, में विकसित हुई। वैदिक हिन्‍दुओं का पर्यायवाची है, यह वेदों से निकले धार्मिक और आध्‍यात्मिक विचारों का दूसरा नाम है।

इस अवधि के दो महान ग्रंथ रामायण और महाभारत थे।

बौद्ध युग : Ancient History one Liner (प्राचीन भारत का इतिहास)

भगवान गौतम बुद्ध के जीवनकाल में, ईसा पूर्व 7 वीं और शुरूआती 6 वीं शताब्दि के दौरान सोलह बड़ी शक्तियां (महाजनपद) विद्यमान थे। अति महत्‍वपूर्ण गणराज्‍यों में कपिलवस्‍तु के शाक्‍य और वैशाली के लिच्‍छवी गणराज्‍य थे। गणराज्‍यों के अलावा राजतंत्रीय राज्‍य भी थे।

सिकन्‍दर का आक्रमण: Ancient History one Liner (प्राचीन भारत का इतिहास)

ईसा पूर्व 326 में सिकंदर सिंधु नदी को पार करके तक्षशिला की ओर बढ़ा व भारत पर आक्रमण किया। तब उसने झेलम व चिनाब नदियों के मध्‍य अवस्थ्ति राज्‍य के राजा पौरस को चुनौती दी। यद्यपि भारतीयों ने हाथियों, जिन्‍हें मेसीडोनिया वासियों ने पहले कभी नहीं देखा था, को साथ लेकर युद्ध किया, परन्‍तु भयंकर युद्ध के बाद भारतीय हार गए। सिकंदर ने पौरस को गिरफ्तार कर लिया, तथा जैसे उसने अन्‍य स्‍थानीय राजाओं को परास्‍त किया था, की भांति उसे अपने क्षेत्र पर राज्‍य करने की अनुमति दे दी।

गुप्‍त साम्राज्‍य: Ancient History one Liner (प्राचीन भारत का इतिहास)

कुशाणों के बाद गुप्‍त साम्राज्‍य अति महत्‍वपूर्ण साम्राज्‍य था। गुप्‍त अवधि को भारतीय इतिहास का स्‍वर्णिम युग कहा जाता है। गुप्‍त साम्राज्‍य का प‍हला प्रसिद्ध सम्राट घटोत्‍कच का पुत्र चन्‍द्रगुप्‍त था। उसने कुमार देवी से विवा‍ह किया जो कि लिच्छिवियों के प्रमुख की पुत्री थी। चन्‍द्रगुप्‍त के जीवन में यह विवाह परिवर्तन लाने वाला था। उसे लिच्छिवियों से पाटलीपुत्र दहेज में प्राप्‍त हुआ। पाटलीपुत्र से उसने अपने साम्राज्‍य की आधार शिला रखी व लिच्छिवियों की मदद से बहुत से पड़ोसी राज्‍यों को जीतना शुरू कर दिया।

उसने मगध (बिहार), प्रयाग व साकेत (पूर्वी उत्‍तर प्रदेश) पर शासन किया। उसका साम्राज्‍य गंगा नदी से इलाहाबाद तक फैला हुआ था। चन्‍द्रगुप्‍त को महाराजाधिराज की उपाधि से विभूषित किया गया था और उसने लगभग पन्‍द्रह वर्ष तक शासन किया।

हर्षवर्धन: Ancient History one Liner (प्राचीन भारत का इतिहास)

7वीं सदी के प्रारम्‍भ होने पर, हर्षवर्धन (606-647 इसवी में) ने अपने भाई राज्‍यवर्धन की मृत्‍यु होने पर थानेश्‍वर व कन्‍नौज की राजगद्दी संभाली। 612 इसवी तक उत्‍तर में अपना साम्राज्‍य सुदृढ़ कर लिया।Ancient History one Liner

620 इसवी में हर्षवर्धन ने दक्षिण में चालुक्‍य साम्राज्‍य, जिस पर उस समय पुलकेसन द्वितीय का शासन था, पर आक्रमण कर दिया परन्‍तु चालुक्‍य ने बहुत जबरदस्‍त प्रतिरोध किया तथा हर्षवर्धन की हार हो गई। हर्षवर्धन की धार्मिक सहष्‍णुता, प्रशासनिक दक्षता व राजनयिक संबंध बनाने की योग्‍यता जगजाहिर है। उसने चीन के साथ राजनयिक संबंध स्‍थापित किए व अपने राजदूत वहां भेजे, जिन्‍होने चीनी राजाओं के साथ विचारों का आदान-प्रदान किया तथा एक दूसरे के संबंध में अपनी जानकारी का विकास किया।

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FAQ – Ancient History one Liner

Q. भारत की प्राचीनतम नगरी कौन सी है?

Ans. वाराणसी संसार के प्राचीनतम बसे शहरों में से एक और भारत का प्राचीनतम बसा शहर है। भारत के उत्तर प्रदेश राज्य का प्रसिद्ध नगर है। इसे ‘बनारस’ और ‘काशी’ भी कहते हैं। हिन्दू धर्म में सर्वाधिक पवित्र नगरों में से एक माना जाता है और इसे अविमुक्त क्षेत्र कहा जाता है। Ancient History one Liner

Q. पुरुषों और सिंधु घाटी सभ्यता के महिलाओं के शौकीन क्या थे?

Ans. गरीब लोग तांबे, हड्डियों और यहां तक कि जली हुई मिट्टी के गहनों का इस्तेमाल करते थे। हार, अंगूठी, झुमके, और बाजूबंद आमतौर पर महिलाओं द्वारा उपयोग किए जाते थे। यहाँ तक कि पुरुष भी विभिन्न प्रकार के आभूषणों का उपयोग करते थे

Q. प्राचीन काल के मानव कैसे थे?

Ans. कई वैज्ञानिक और पुरातत्वविद लंबे समय से मानते आ रहे हैं कि इतिहास के शुरुआती दौर में व्यक्ति 40 से 45 वर्ष से अधिक लंबा जीवन व्यतीत नहीं कर पाते थे, लेकिन हाल ही में ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी ने अध्ययन में पाया कि दवाएं उपलब्ध न होने के बावजूद भी प्राचीनकाल में लोग 90-95 साल तक जिंदा रहते थेAncient History one Liner

Q. इतिहास का उद्देश्य क्या है?

Ans. इतिहास के अध्ययन का उद्देश्य क्या है? इतिहास के अध्ययन का मुख्य उद्देश्य केवल तथ्यों और कार्यों को रिकॉर्ड करना नहीं है, बल्कि वर्तमान परिस्थितियों को बेहतर ढंग से समझने के लिए उनके संदर्भ और उनके कारणों और परिणामों में पिछली स्थितियों को समझने की कोशिश करना है।

Q. इतिहास हमें क्या सिखाता है?

Ans. इतिहास अतीत की गलतियों से सीखना व सफलताओ ने प्रेरणा लेना सिखाता है. इतिहास( History) का प्रयोग विशेषत: दो अर्थों में किया जाता है। एक है प्राचीन अथवा विगत काल की घटनाएँ और दूसरा उन घटनाओं के विषय में धारणा। इतिहास शब्द (इति + ह + आस ; अस् धातु, लिट् लकार अन्य पुरुष तथा एक वचन) का तात्पर्य है “यह निश्चय था”। Ancient History one Liner

Q. इतिहास कब से शुरू हुआ?

Ans. भारत का इतिहास कई हजार वर्ष पुराना माना जाता है। 65,000 साल पहले, पहले आधुनिक मनुष्य, या होमो सेपियन्स, अफ्रीका से भारतीय उपमहाद्वीप में पहुँचे थे, जहाँ वे पहले विकसित हुए थे। सबसे पुराना ज्ञात आधुनिक मानव आज से लगभग 30,000 वर्ष पहले दक्षिण एशिया में रहता है।

Q. इतिहास को काल खंडों में बांटने का क्या कारण है?

Ans. यह विभाजन सांप्रदायिकता के आधार पर किया गया था। यह काल विभाजन औपनिवेशिक विचारधारा पर आधारित था। Ancient History one Liner

Q. इतिहास हमें बचाव के संबंध में क्या सिखाता है?

Ans. इतिहास का ज्ञान आम आदमी को इस योग्य बनाता है कि वह खुद का विश्लेषण कर सके और अपने डर पर काबू कर सके। राजनीति, व्यापार या खेल से जुड़े नेताओं की बात करें, तो इतिहास का ज्ञान किसी भी तरह के घमंड या शेखी की अचूक दवा है। कभी-कभी मुझसे उन सीखों के बारे में पूछा जाता है, जो इतिहास हमें दे सकता है।

Q. इतिहास को अध्यायों में क्यों बांटा जाता है?

Ans. जब हम इतिहास या कोइर् कहानी लिखते हैं तो उसे टुकड़ों या अध्यायों में बाँट देते हैं। हम ऐसा क्यों करते हैं? ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि हर अध्याय में वुफछ सामंजस्य रहे। इसका मव़्ाफसद कहानी को इस तरह सामने लाना होता है कि उसे आसानी से समझा जा सके और याद रखा जा सके। Ancient History one Liner

Q. भारत का सबसे पुराना नाम क्या है?

Ans. सिंधु नदी का इंडस नाम भारत आए विदेशियों ने रखा. सिंधु सभ्यता के कारण भारत का पुराना नाम सिंधु भी था, जिसे यूनानी में इंडो या इंडस भी कहा जाता था. जब ये शब्द लैटिन भाषा में पहुंचा तो बदलकर इंडिया हो गया. जब अंग्रेज भारत में आए उस समय हमारे देश को हिन्दुस्तान कहा जाता था.

Q. इतिहास पढ़ने से क्या लाभ है?

Ans. इतिहास पढ़ने से अपने पूर्वजों के जीवन शैली, शासन अनुशासन, संगीत, विज्ञान, सामाजिक स्तर, आध्यात्मिक स्तर, आर्थिक एवं भौगोलिक स्थिति का पता चलता है। यह भी मालूम होता है कि उनके मुक़ाबले आज हम किस स्थिति में हैं। Ancient History one Liner

Q. ऐतिहासिक अध्ययन क्या है?

Ans. ऐतिहासिक भाषावैज्ञानिक अध्ययन के अंतर्गत ऐतिहासिक तथ्यों का अध्ययन-विश्लेषण करके वर्तमान एवं लुप्त भाषाओं के आंतरिक लक्षणों – शब्दावली, शब्द निर्माण तथा वाक्य विन्यास आदि की तुलना की जाती है। इसका उद्देश्य विश्व की भाषाओं के विकास एवं आनुवंशिक संबंधों का पता लगाना तथा भाषा के विकास को समझना होता है।

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